नानक भील का जीवन परिचय, nanak bhil ka jivan parichay

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नानक भील का जीवन परिचय, nanak bhil ka jivan parichay

नानक भील
नानक भील

बूंदी किसान आन्दोलन ( 1922 ) के दौरान डाबी में झण्डा गीत ( प्राण मित्रों भले ही गंवाना पर झण्डा न नीचा झुकाना ) गाते – गाते नानक भील बूंदी राज्य की पुलिस की गोली के शिकार हुए ।

श्री रमेश स्वामी का जीवन परिचय, shree ramesh swami ka jivan parichay

रतपुर रियासत भुसावर कस्बे में जन्मे रमेश स्वामी वेगार विरोधी आन्दोलन दौरान भरतपुर पुलिस भुसावर में 5 फर . , 1947 को बस द्वारा कुचलवाकर मार दिये गये ।

1.स्वतंत्रता सेनानी के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य, swatantrata senani ke bare me mahtvapurn tathya

2.प्रताप सिंह बारहठ का जीवन परिचय, pratap singh barhath ka jivan parichay

चुन्नीलाल शर्मा का जीवन परिचय, chunilal sharma ka jivan parichay

जोधपुर रियासत के स्वतंत्रता सेनानी चन्नीलाल शर्मा डाबडा ग्राम में किसान आन्दोलन के दौरान अपने साथी पन्नाराम चौधरी ( डाबड़ा ) , रामाराम चौधरी , रूघाराम चौधरी ( लाड ) , अल्काराम चौधरी अदकासर ( कुचामन ) के साथ 13 मार्च , 1947 को जागीरदारों द्वारा चलाई गई गोलियों से शहीद हए ।

1.बाबू राजबहादुर का जीवन परिचय, babu rajbahadur ka jivan parichay

ठाकुर पंचमसिंह का जीवन परिचय, thakur pancham singh ka jivan parichay

धौलपुर रियासत के ठाकुर छत्रसिंह व पंचम सिंह 1946 में लखमीर नामक गाँव में धौलपुर राज्य कांग्रेस द्वारा आयोजित सभा में तिरंगे झण्डे के सम्मान की रक्षा करते हुए

पुलिस की गोलियों द्वारा शहीद हो गये ।

1.कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी का जीवन परिचय, captain durgaprasad choudhary ka jivan parichay

बीरबलसिंह का जीवन परिचय, birbalsingh ka jivan parichay

बीकानेर रियासत के रायसिंहनगर में एक जुलुस का नेतृत्व करते हुए यह हरिजन युवक तिरंगा झण्डा हाथ में लिए हुए बीकानेर राज्य की सेना की गोली से 1 जुलाई , 1946 को शहीद हो गया

1.चंदनमल बहड़ का जीवन परिचय, chandanmal bahad ka jivan parichay

नाना भाई खांट का जीवन परिचय , nana bhai khant ka jivan parichay

वीर बाला व काली बाई भीलडूंगरपुर की रियासत में जन्मे नानाभाई खांट काली बाई भील डूंगरपुर राज्य के सेवा संघ द्वारा संचालित पाठशालाओं को बंद करवाने के अभियान के दौरान शहीद हो गये ।

19 जून , 1947 को राज्य की पुलिस ने रास्तापाल में मार – मारकर नानाभाई की हत्या कर दी

उसी दिन भील बालिका कालीबाई पुलिस की गोली की शिकार होकर शहीद हुई ।

1.प्रथम गोलमेज सम्मेलन, pratham golmej sammelan, gandhi irwin samjhauta

आनन्दीलाल का जीवन परिचय, anandilal ka jivan parichay

मेवाड़ रियासत के ये स्वतंत्रता सेनानी उत्तरदायी शासन की स्थापना के अंतिम दौर में उदयपुर में पुलिस की गोली से 5 अप्रैल , 1948 को शहीद हुए । लूणकरण , खूबाराम , रामकरण मोरिजा – जयपुर रियासत के ये किसान 20 मई , 1948 को जागीरदारों द्वारा लाग – बाग एवं ऊंची दर से लगान वसूली का प्रतिरोध करने पर गोल से मार दिये गये ।

1.दूसरा गोलमेज सम्मेलन, कम्युनल अवार्ड, पूना समझौता, dusra golmej sammelan, communal award

2.तृतीय गोलमेज सम्मेलन, tritiya golmej sammelan

3.गोलमेज सम्मेलन, गोलमेज सम्मेलन का आयोजन, golmej sammelan, golmej sammelan ka aayojan

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