कवि भूषण का जीवन परिचय, kavi bhushan ka jivan parichay

0
20

कवि भूषण का जीवन परिचय, bhushan ka jivan parichay

कवि भूषण
कवि भूषण

राजस्थान के वीर काव्य तथा वीररस के कवि भूषण की रचना करने वाले हिंदी रीतिकाल के अनुसरण करते हुए उनकी रचना महा कवि भूषण का जीवन परिचय (kavi bhushan ka jivan parichay) वह राजस्थान के प्रसिद्ध कवि में से माने जाता है अतः भुषण एक कहानी को ब्राह्मण थे भुषण का गोत्र कश्यप था उनके पिता का नाम रत्नाकर त्रिपाठी था और वह अपने जीवन यापन यमुना के पास त्रिविक्रमपुर तिकवाँपुर में करते थे उसी स्थान पर बीरबल का भी जन्म हुआ था (bharat bhushan agarwal ka jeevan parichay) उसी स्थान पर विश्वेश्वर के महादेव बिहार ईश्वर निवास करते हैं कवि भूषण की उपाधि उनको त्रिकूट पति हृदय राम के पुत्र रूद्र ने दी थी अतः वे स्थान शिकवापुर कानपुर जिले के घाटमपुर तहसील के पास में बाएँ किनारे पर उपस्थित है

अतः भूषण द्वारा शिव सिह शंकर का जन्म 1681 ईस्वी से ग्रियर्सन ने 1603 इसमें लिखा था कुछ लेखको द्वारा माना गया है कवि भूषण (kavi bhushan) शिवाजी के पुत्र शव के दरबारी कवि थे (bhushan jeevan family) कवि मतिराम और चिंतामणि के भूषण भाई थे उनको उनके बड़े भाई की पत्नी ने ताने दे दिए इसलिए वह घर छोड़ कर चले गए थे वहां से शिवाजी के आश्रय में गए और अपना पूर्ण जीवन वहीं व्यतीत किया विधाना का माना जाता है कि भूषण केवल शिवाजी और छात्रशाल इन दोनों राजाओ के ही कवि थे

यह भी जरूर पढ़ें

1.कबीर दास का जीवन परिचय

2.तुलसीदास का जीवन परिचय

3.कृपाराम खिड़िया का जीवन परिचय

4.बृजमोहन शर्मा का जीवन परिचय

कवि भूषण का जन्म, kavi bhushan ka janm

उत्तरप्रदेश राज्य के कानपुर जिले में तिकावाँपुर गांव जिसमें कवि भूषण का जन्म (kavi bhushan ka janm) वर्ष 1613 में हुआ था रीतिकाल के श्रृंगार और प्रधान के वीररस के कवि भूषण माने जाते थे पहले उनका मूल नाम घनश्याम था बाद में इनको भूषण (kavi bhushan) की उपाधि दी थी (bhushan jeevan family) उनके पिता का नाम रतनाराम त्रिपाठी था और चिंतामणि एवं मतिराम उनके भाई थे भूषण की उपाधि इन सोलंकी राजा के पुत्र रूद्र द्वारा दी गई थी उसके बाद में (hindi kavita on shivaji) छत्रपति शिवाजी तथा पन्ना के महाराज छत्रसाल के पास ही अपना जीवन यापन किया

कवि भूषण का साहित्यिक परिचय, kavi bhushan ka sahityik parichay

कवि भूषण का साहित्यिक परिचय (kavi bhushan ka sahityik parichay) महाकवि भूषण (kavi bhushan ki jati) की जाति कान्यकुब्ज ब्राह्मण थे तथा व्यय शिकवापुर गांव कानपुर जिले में रहते थे और कवि चिंतामणि त्रिपाठी और मतिराम इनके भाई थे उनकी बड़ी भाभी द्वारा उनको ताना देने पर वह घर छोड़कर शिवाजी और छात्रसाल के दरबार में चले गए थे त्रिकूट के सोलंकी राजा के पुत्र रूद्र ने उनको कवि भूषण (kavi bhushan) की उपाधि दी थी और इसी नाम से विख्यात हो गए कवि भूषण को छात्रसाल के दरबार में बड़ा सम्मान मिला उन को विदा करते समय माना जाता है कि महाराज छात्रशाल ने इनकी पालकी को अपना कंधा लगाया था और उसके बाद उन्होंने लिखा कि वीररस के कवि भूषण साहू को सराहौं, कैंसराहौं छात्रसाल को “ उनका मन शिवाजी के दरबार में अत्यधिक प्रसन्न था

और कुछ लोगों का माना जाता है कि उनकी 102 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई थी

यह भी जरूर पढ़ें

1.रहीम दास का जीवन परिचय

2.स्वतंत्रता सेनानी के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

3.तृतीय गोलमेज सम्मेलन

कवि भूषण की रचनाएं, kavi bhushan ki rachnaye

(bhushan kiski rachna hai) कालिया वीर रसात्मक एवं ओज गुण में कवि भूषण की रचनाएं (kavi bhushan ki rachnaye) में संपन्न थे कवि भूषण (kavi bhushan) ने तीन महत्वपूर्ण रचनाओ को लिखा था (kavi bhushan ki kavitayen) उनका नाम शिवराज भूषण (shivraj bhushan), शिवा बावनी (shiva bavani) और छात्रसाल दशक (chhatrasal dashak) शिवराजभूषण अलंकार ग्रंथ उपयुक्त है इन रचनाओं में रीतिकाल का प्रभाव है जिसमें भूषण उल्हास, भूषण उल्लास और भूषण हजारा नाम से इनके तीन ग्रंथ को माना गया है उन्होंने वीररस के कवि भूषण के चारों वेदों का सुंदर परी पार्क का चित्रण दिखाया है ऊंचे घोर मंदर के अंदर रहन वारी उनकी रचनाओं एवं कार्य ग्रंथों में ब्रजभाषा का औषधि मिश्रित दिखाई देती है उनका कृतित्व अति प्रसन्न से हैं

भूषण के ग्रंथ, bhushan ke granth

1.भूषण हजारा (bhushan hajara)
2.भूषण उल्लास (bhushan ullas)
3.दूषण उल्लास (dushan ullas)

यह ग्रंथ सभी लोगों के पास अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है

बाकी शेष ग्रंथों का परिचय इस प्रकार है

शिवराज भूषण, shivraj bhushan

शिवराज भूषण किसकी रचना है बुश ने अपनी इस रचना को चेस्ट वदी त्रयोदशी रविवार को चंपावत 1730 मैं 29 अप्रैल 1673 मैं रविवार को संपादित की थी उन्होंने उस शिवराज भूषण (shivraj bhushan) में 384 छंद और 2 और अलंकारों की परिभाषा का भी उपयोग किया था और उनका सवैया छंद एवं कविता के उदाहरण भी दिए गए थे

शिवा बावनी, shiva bavani

भूषण द्वारा रचित शिवा बावनी (shiva bavani) में 52 शब्दों का उपयोग किया गया है और उसके अंदर शिवाजी की कीर्ति का भी वर्णन हुआ है

छत्रसाल दशक, chhatrasal dashak

छत्रसाल दशक (chhatrasal dashak) की इस रचना में 10 शब्दों का उपयोग किया गया है और इसके अंदर छात्रसाल बुंदेला का भी यशोगान हुआ है कवि भूषण द्वारा रचित रचना के अंदर प्राप्त फूट कर दिया तथा विविध व्यक्तियों के संबंध में बताया गया है इस घटना में कुछ श्रंगार पर पद्य भी उपस्थित हैं

यह भी जरूर पढ़ें

1.सूरदास का जीवन परिचय

2.बिहारी लाल का जीवन परिचय

3.नानक भील का जीवन परिचय

कवि भूषण की मृत्यु, kavi bhushan ki martyu

अतः कवि भूषण की मृत्यु (kavi bhushan ki martyu) 1772 मैं हुई थी उन्होंने अपने जीवन में अनेक रचनाओं की और ग्रंथ का भी उद्बोधन किया तथा उन्होंने अपने जीवन में केवल राजा शिवाजी का ही गुणगान किया है और उनके पति ही उन्होंने घटनाएं में और ग्रंथ में उनका उल्लेख लिखा था

कवि भूषण के काव्य की विशेषता, kavi bhushan ke kavya ki visheshta

आचार्यों की दृष्टि में कवि भूषण के काव्य की विशेषता (kavi bhushan ke kavya ki visheshta) का कविता मैं उचित स्थान प्रदान नहीं किया गया है लेकिन भूषण के काव्य की विशेषता उन्होंने अपने कवित्व के जीवन और अपने विचार को महत्वपूर्ण स्थान दिया है (kavi bhushan ki kavitayen) घोस्ट द्वारा लिखित कविता का कीर्ति संबंधित एक सत्य का दृष्टांत और सत्यता का महत्वपूर्ण स्थान है वह स्वतंत्रता संग्राम के तत्कालीन एवं प्रतिनिधि के महाकवि थे वीर काव्य धारा के जगमगाते हुए रतन की उपाधि भूषण को दी गई थी

कवि भूषण की शैली, kavi bhushan ki sheli

विवेचनात्मक एवं संश्लिष्ट के रूप में कवि भूषण की शैली (kavi bhushan ki sheli) उपयुक्त है विवरणात्मक प्रणाली का उन्होंने बहुत ही कम प्रयोग किया है उनके द्वारा केवल युद्ध के बाहरी अरुणा एवं साधनों का ही वर्णन क्या है
भूषण के पद अर्थ सहित का केवल एक ही उद्देश्य था लोगों के हृदय में उनकी भावनाओं की उमंग को जगाना था और उनका केवल एक ही उद्देश्य रहा था समस्या एवं अनेक रचनाओं में भूषण के पद अर्थ सहित का विशेष गुण माना जाता है

यह भी जरूर पढ़ें

1.प्रताप सिंह बारहठ का जीवन परिचय

2.बाबू राजबहादुर का जीवन परिचय

3चंदनमल बहड़ का जीवन परिचय

4.रहीम दास का जीवन परिचय


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here