प्रथम गोलमेज सम्मेलन, pratham golmej sammelan, gandhi irwin samjhauta – My blog

0
28
प्रथम गोलमेज सम्मेलन
गोलमेज सम्मेलन

लंदन में 12 नवंबर 1930 से 19 जनवरी 1931 तक प्रथम गोलमेज सम्मेलन (pratham golmej sammelan) का आयोजन प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड की अध्यक्षता में रखा गया था लंदन में हुए गोलमेज सम्मेलन (golmej sammelan ) में कुल 89 प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिया गया गोलमेज सम्मेलन (golmej sammelan ) का उद्देश्य भारतीय संविधान इक समस्याओं का सुलजावा करना था लेकिन इस गोलमेज सम्मेलन (pratham golmej sammelan) में कांग्रेस ने भाग नहीं लिया था और इस कारण से इस सम्मेलन में कोई भी निर्णय नहीं ले सका अतः इसका निर्णय नहीं निकलने के कारण इस सम्मेलन को वहीं पर रोक दिया गया था इस सम्मेलन के अंदर 2 क्रांतिकारियों ने भाग लिया था जो डॉक्टर अंबेडकर एवं जिन्ना के नाम से प्रसिद्ध है

1.दूसरा गोलमेज सम्मेलन, कम्युनल अवार्ड, पूना समझौता, dusra golmej sammelan, communal award

2.तृतीय गोलमेज सम्मेलन, tritiya golmej sammelan

3.गोलमेज सम्मेलन, गोलमेज सम्मेलन का आयोजन, golmej sammelan, golmej sammelan ka aayojan

प्रथम गोलमेज सम्मेलन का निर्णय, pratham golmej sammelan ka nirnay

प्रथम गोलमेज सम्मेलन का आयोजन लंदन में नवंबर 193 (pratham golmej sammelan ka nirnay) को हुआ था लेकिन उस सम्मेलन में किसी भी नेता ने भाग नहीं लिया उस कारण उस सम्मेलन को रद्द कर दिया गया उसके बाद वापस उस सम्मेलन को जॉर्ज पंचम ने 12 नवंबर 1930 को प्रारंभ किया अतः उस की अध्यक्षता ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रामसे मैकडॉनल्ड ने की थी प्रथम गोलमेज सम्मेलन (pratham golmej sammelan kab hua) में तीन ब्रिटिश राजनीतिक दलों ने प्रतिनिधित्व किया और उन तीन दलों में 16 प्रतिनिधि थे

गोलमेज सम्मेलन, golmej sammelan

उस प्रथम गोलमेज सम्मेलन (golmej sammelan kaha hua tha) के अंदर भारत से 57 राजनीतिक दलो में से 96 प्रतिनिधियों ने भाग लिया इस प्रथम गोलमेज सम्मेलन (pratham golmej sammelan kaha hua) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा व्यापारिक नेताओं ने भाग नहीं लिया अतः कुछ नेता सविनय अवज्ञा आंदोलन (pratham golmej sammelan ka nirnay) में भाग लेने के कारण उन्हें जेल में डाल दिया गया था उसमें गांधी जी भी शामिल थे अतः गांधी जी को जनवरी 1931 को जेल से रिहा किया गया उनके बाहर निकलने के तुरंत बाद ही उन्होंने अगले महीने से ही वायसराय के साथ कहीं लंबी बैठकर की गांधीजी की उन बैठके के कारण ही गांधी इरविन समझौता (gandhi irwin samjhauta) में सहमति मिली

उनके सरिता में सविनय अवज्ञा आंदोलन (sawinay avagya andolan) को वापस लेना और सभी कैदियों को रिहा करना अतः नमक उत्पादन की सभी उत्पादकों को अनुमति प्रदान करना भी शामिल था अतः उस समझौते को रेडिकल राष्ट्रीय वादियो ने आलोचना की कि गांधीजी वाईफाई से राजनीतिक स्वतंत्रता का भारतीयों के लिए आश्वासन हासिल नहीं कर पाए थे इस कारण गांधीजी को संभावित लक्ष्य की प्राप्ति ना होने के कारण उन्हें वार्ताओं का आश्वासन प्राप्त हुँ

1.बृजमोहन शर्मा का जीवन परिचय, brijmohan sharma ka jivan parichay

2.वैद्य मघाराम का जीवन परिचय, vaidya magharam ka jivan parichay

प्रथम गोलमेज सम्मेलन कब हुआ, pratham golmej sammelan kab hua

उस प्रथम गोलमेज सम्मेलन (pratham golmej sammelan) लंदन में 12 नवंबर 1930 से 19 जनवरी 1931 तक प्रथम गोलमेज सम्मेलन (pratham golmej sammelan kab hua) का आयोजन लंदन के प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड की अध्यक्षता में किया गया था

1.श्यामजी कृष्ण वर्मा का जीवन परिचय, shyamji krishna varma ka jiavn parichay

2.ऋषिदत्त मेहता का जीवन परिचय, rishidatta mehta ka jivan parichay

गांधी इरविन समझौता प्रथम गोलमेज सम्मेलन, gandhi irwin samjhauta pratham golmej sammelan

जी हा प्रथम गोलमेज सम्मेलन (gandhi irwin samjhauta pratham golmej sammelan)में बैठे सरकार समझ गए कि बिना कांग्रेस के सहयोग से इसका फैसला संभव नहीं है और उस सम्मेलन को लेकर महात्मा गांधी तथा वायसराय लॉर्ड इर्विन के बीच 5 मार्च 1931 को गांधी इरविन समझौता (gandhi irwin samjhauta kab hua) संपन्न हुआ

इस समझौते में लॉर्ड इरविन (gandhi irwin samjhauta kab hua )द्वारा स्वीकार किया गया की

1.गांधी जी की मांग थी कि हिंसा के आरोपियों को छोड़कर बाकी राजनीतिक बंदियों को रिहा किया जाए
2.समुंदर के किनारे नमक बनाने का भारतीयों को भी अधिकार दिया जाए
3.विदेशी कपड़ों की दुकानों तथा शराब की दुकानों के आगे भारतीयों द्वारा धरना दे सके
4.नेताओं द्वारा त्यागपत्र देने वाले जो आंदोलनों में भाग लिए उन्हें पुणे नियुक्त किया जावे आंदोलनों में सरकार द्वारा की गई जप्त संपत्तियों को पुने लौटावे

1.भूपेंद्रनाथ त्रिवेदी का जीवन परिचय, bhupendranath trivedi ka jivan parichay

2.स्वामी केशवानंद का जीवन परिचय, swami keshwanand ka jivan parichay

गांधी इरविन समझौता कब हुआ, gandhi irwin samjhauta kab hua

ब्रिटिश सरकार ने गोलमेज सम्मेलन (gandhi irwin samjhauta kab hua) मैं समझ गई कि कांग्रेस सरकार द्वारा इसमें भाग नहीं लेने पर यह समझौता सफल नहीं होगा अतः उसको रद्द कर दिया गया उसके बाद वेबसाइट लोडिंग ने महात्मा गांधी के बीच 5 मार्च 1931 को इरविन समझौता संपन्न हुआ समझौते को लार्ड इरविन (gandhi irwin samjhauta) ने स्वीकृति प्रदान की

गांधी जी की कांग्रेस द्वारा शर्तें स्वीकार की गई

1.सविनय अवज्ञा आंदोलन को रोक दिया जावे
2.कांग्रेश द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में अपना भाग लेगी
3.कांग्रेस द्वारा ब्रिटिश सरकार के समान का बहिष्कार नहीं करेगी
4.पुलिस द्वारा ज्यादतियों की जांच को छोड़ दिया जावे

यह समझाते हैं भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण थे क्योंकि ब्रिटिश सरकार द्वारा पहली बार भारतीयों के साथ समानता पूर्व और उनके स्तर पर समझौता किया गया

1.जुगल किशोर चतुर्वेदी का जीवन परिचय, jugal kishore chaturvedi ka jivan parichay

2.विशंभर दयाल का जीवन परिचय, vishambhar dayal ka jivan parichay

3.वियोगी हरि का जीवन परिचय, viyogi hari ka jivan parichay

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here