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जन जागरण आन्दोलन
जन जागरण आन्दोलन

व जन जागरण आन्दोलन मेवाड़ महाराणा फतेहसि द्वारा 1903 व 1911 के दिन टाबार भाग नहीं लेने से नाराज ब्रिटिश सरकार ने कुटनीतिक बाल चलकर महाराणा व उनके पुत्र कंवर प्रपालसिर के फूट डाल महाराणा को बहुत सारे अधिकार राजकुमार को सौंपने हेतु बाध्य किया । अलवर के महाराजा जयसिस को अंग्रेज विरोधी भावना भएकाने के आरोप में ब्रिटिश सरकार ने पदच्युत का निर्वासित कर दिया । यूरोप चले गये जहाँ पेरिस में उनकी मृत्यु हो गई भरतपुर के महाराजा कृष्णसिंह द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्यों व उत्तरदायी शासन की स्थापना के प्रयास से नाराज होकार ब्रिटिश सरकार ने वित्तीय अव्यवस्था का आरोप लगाकर राज्य से निर्वासित कर दिया । नरेन्द्र मण्डल – 8 फरवरी , 1921 को राजाओं की एक परिषद का गठन किया गया जो राजाओं की मांगों पर विचार करती थी ।

1.पाली जिला, पाली जिला की स्थापना, पाली जिला का इतिहास, pali jila, pali jila ki sthapana, pali jila ka itihas

2.सुजानगढ़ नगर, दूधवा खारा नगर चूरू, Sujangarh nagar, Dudhwa Khara nagar churu

मारवाड़ में जन आन्दोलन, marwad me jan andolan

इसका उद्घाटन यक ऑफ कनाट द्वारा की गई तथा इसका पहला चांसला बीकानेर के महाराजा गंगासिह को बनाया । इसका नाम नरेन्द्र मण्डल अलवर के महाराजा जयसिह ने रखा । मारवाड़ में जन आन्दोलन की शुरुआत चांदमल सुराणा द्वारा गठित मारवाड़ हितकारिणी सभा ( 1888 ) ‘ से मानी जाती है । तत्पश्चात् जयनारायण व्यास ने ‘ मारवाड़ सेवा संघ ( 1920 ‘ की स्थापना की गई । इसकी सहायक संस्था के रूप में दुर्गाशकर की अध्यक्षता में ‘ मारवाड़ संघ की स्थापना की गई । 1919 जमनालाल बजाज की अध्यक्षता में अजमा राजपूताना मध्य भारत सभा का अधिवेशन हुआ । जैसलमेर में माहेश्वरी नवयुवक मण्डल की स्थापना कन्हैयालाल प्रेरणा से रघुनाथ सिंह मेहता ने की ।

जोधपुर में 1928 को मारवाड़ हितकारिणी सभा ने ‘ पाखा लोक परिषद का अधिवेशन बुलाने का निर्णय किया

लेकिन जोधपर शासन ने सम्मेलन के आयोजन पर रोक लगा दी जिसका व्यापक विरोध किया गया ।

20 जनवरी 1930 को चूरू के धर्म स्तूप पर तिरंगा झण्डा श्री चंदनमल बहड़ व स्वामी गोपालदास ने फहराया ।

1.जालौर जिला, जालौर जिला की स्थापना, जालौर जिला का इतिहास, jalor jila, jalor jila ki sthapana, jalor jila ka itihas

2.1857 की क्रान्ति के शहीद, 1857 के संग्राम में विद्रोह, 1857 ki kranti ke shahid, 1857 ke sangram me vidroh

प्रथम गोलमेज सम्मेलन, pratham golmej sammelan

जन जागरण आन्दोलन पोकरण ( जैसलमेर ) के किले पर तिरगा फहराने का प्रयास किशोरीलाल पुरोहित ने किया । सन् 1932 को जोधपुर राज्य में ‘ स्वाधीनता दिवस समारोह में छगनलाल चौपासनीवाला ने झण्डा फहराया । सन् 1936 में अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद के कराची अधिवेशन जयनारायण व्यास को महामंत्री चुना गया । सन् 1938 करौली में लोकसेवक संघ ‘ की स्थापना मशी त्रिलोकचन्द माथुर ने की थी । लोकसेवक संघ ने करीली में जन जागृति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई । प्रथम गोलमेज सम्मेलन , 1930 में जयसिह ( अलवर ) गगासिंह ( बीकानेर ) उदयभानसा ने भाग लिया । द्वितीय विश्व युद्ध में ब्रिटेन की सहायतार्थ युद्ध में भाग लेने हेतु बीकानेर महाराजा गगासिह 26 अक्टूबर , 1941 को अपने प्रसिद्ध ‘ गगा रिसाला के साथ हालैण्ड गये ।

1.नागौर जिला, नागौर जिला की स्थापना, nagor jila, nagor jila ki sthapana

2.झुंझुनूं जिला, मंडावा नगर, खेतड़ी नगर झुंझुनूं, Jhunjhunu jila, mandawa nagar, khetri nagar Jhunjhunu

भारत छोड़ो आन्दोलन, bharat chodo andolan

मेवाड़ महाराणा भूपाल सिंह के सलाहकार के . एम . मुंशी ने मेवाड़ राज्य संविधान तैयार किया लेकिन इनकी धारा में विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए महाराणा द्वारा संशोधन करने पर श्री मुशी ने इस्तीफा दे दिया । अगस्त 1942 भारत छोड़ो आन्दोलन के सम्बन्ध में मुम्बई में आयोजित काग्रेस कार्यसमिति के अधिवेशन के अवसर पर आयोजित रियासती सम्मेलन मेवाड जामण्डल की ओर से श्री माणिक्यलाल वर्मा , जयपुर प्रजामण्डल की ओर से हीरालाल शास्त्री व कोटा प्रजामण्डल की ओर से अभिन हरि ने भाग लिया । इस सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए महात्मा गाँधी ने कहा कि ब्रिटिश भारत में संघर्ष का नारा होगा – अंग्रेजों भारत छोड़ा और रियासतों में नारा होगा – “ राजाओं अंग्रेजों का साथ छोड़ो । ‘ ‘ 17 जुलाई , 1942 को पहिमा देवी किका के नेतृत्व में जोधपुर पहली बार महिलाओं ने केसरिया साड़ी पहनकर घण्टाघर जोधपुर के बाहर उत्तरदायी शासन की स्थापना को लेकर प्रदर्शन किया ।

1.अजबगढ़, भानगढ़ नगर, माचेड़ी नगर ( अलवर ), ajabgarh, bhangarh nagar, machedi nagar alwar

मारवाड़ सत्याग्रह दिवस, marwad satyagraha divas

जन जागरण आन्दोलन मारवाड़ सत्याग्रह दिवस 26 जुलाई , 1942 को उत्तरदायी शासन की मांग को लेकर मनाया गया । मोहम्मद अली जिन्ना ने भोपाल के नवाब की सहायता से वादों के सब्जबाग दिखाकर जैसलमेर , धौलपुर एवं जोधपुर रियासतों को पाकिस्तान में मिलाने का प्रयास किया । भोपाल नवाब ने धौलपुर महाराजा उदयभानसिंह , जोधपुर महाराजा हनुवंतसिंह व जैसलमेर राजकुमार गिरधारी सिंह को जिन्ना से मिलवाया लेकिन सरदार पटेल , मेनन व माउण्टबेटन के संयुक्त प्रयासों से जिन्ना को असफलता का मुँह देखना पड़ा । जोधपुर के महाराजा हनुवंतसिंह ने वायसराय भवन में माउण्टबेटन से मुलाकात के दौरान मेनन पर ‘ पेन पिस्टल तानकर कहा , “ मैं तुम्हारे दबाव में नहीं आने वाला हूँ । ‘ ‘
जोधपुर महाराजा ने सेवाओं के मारवाड़ीकरण के नाम पर प्रधानमंत्री एच . वैकटाचारी को हटाकर अपने चाचा अजीत सिंह को प्रधानमंत्री तथा

18 वर्षीय राजपूत युवक को गृहमंत्री बनाया जिसकी व्यापक आलोचना हुई ।

राजस्थान में सर्वप्रथम उत्तरदायी शासन की स्थापना शाहपुरा रियासत में वहाँ के शासन सुदर्शन देव ने की ।

14 अगस्त , 1947 को रियासत का नवीन संविधान बनाया तथा गोकुल लाल असावा के नेतृत्व में मंत्रिमण्डल बना ।

1.राजगढ़ नगर अलवर, राजगढ़ नगर की स्थापना, rajagarh nagar alwar, rajagarh nagar ki sthapana

2.लवाण नगर, बसवा नगर ( दौसा ), lavan nagar, basava nagar dosa

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